अध्याय 02 एक चर वाले रैखिक समीकरण

2.1 भूमिका

पिछली कक्षाओं में, आपने अनेक बीजीय व्यंजकों और समीकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की है। ऐसे व्यंजक जो हमने देखे, उनके कुछ उदाहरण हैं-

5x,2x3,3x+y,2xy+5,xyz+x+y+z,x2+1,y+y2

समीकरणों के कुछ उदाहरण हैं: 5x=25,2x3=9,2y+52=372,6z+10=2

आपको याद होगा कि समीकरणों में सदैव समता ’ = ’ का चिहन प्रयोग होता है, जो व्यंजकों में नहीं होता।

इन व्यंजकों में, कुछ में एक से अधिक चर प्रयोग हुए हैं। उदाहरण के लिए, 2xy+5 में दो चर हैं। तथापि, हम अब समीकरण बनाने में केवल एक चर वाले व्यंजक ही प्रयोग करेंगे और जो व्यंजक समीकरण बनाने में लिखे जाएँगे वे रैखिक ही होंगे। इससे तात्पर्य है कि व्यंजकों में प्रयोग होने वाले चर की अधिकतम घात एक होगी।

कुछ रैखिक व्यंजक हैं-

2x,2x+1,3y7,125z,54(x4)+10

ये रैखिक व्यंजक नहीं हैं: x2+1,y+y2,1+z+z2+z3

(ध्यान दीजिए चर की अधिकतम घात 1 से अधिक है)

अब हम समीकरणों में, केवल एक चर वाले व्यंजकों का ही प्रयोग करेंगे। ऐसे समीकरण, एक चर वाले रैखिक समीकरण कहलाते हैं। पिछली कक्षाओं में जिन सरल समीकरणों को आपने हल करना सीखा वे इसी प्रकार के थे। आइए, जो हम जानते हैं, उसे संक्षिप्त में दोहरा लें-

(a) एक बीजीय समीकरण में चरों को प्रयोग करते हुए एक समता होती है। इसमें एक समता का चिह्न होता है। इस समता के बाईं ओर वाला व्यंजक बायाँ पक्ष (LHS) और दाईं ओर वाला व्यंजक दायाँ पक्ष (RHS) कहलाता है।

(b) एक समीकरण में बाएँ पक्ष में व्यंजक का मान, दाएँ पक्ष में व्यंजक के मान के बराबर होता है। ऐसा, चर के कुछ मानों के लिए ही संभव होता है और चर के ऐसे मानों को ही चर के हल कहते हैं।

2x3=7. इस समीकरण का हल हैx=5 क्योंकि x=5 होने पर बाएँ पक्ष का मान होगा 2×53=7 जो दाएँ पक्ष का मान है लेकिन x=10 इसका हल नहीं है, क्योंकि x=10 होने पर बाएँ पक्ष का मान होगा, 2×103=17 जो दाएँ पक्ष के बराबर नहीं है।

(c) किसी समीकरण का हल कैसे ज्ञात करें?

हम मानते हैं कि समीकरण के दोनों पक्ष, तुला के पलड़ों की तरह संतुलन में हैं। अतः हम समीकरण के दोनों पक्षों पर एक जैसी ही गणितीय संक्रियाएँ करते हैं जिससे समीकरण का संतुलन बना रहे; बिगड़े नहीं, लेकिन समीकरण सरल, अधिक सरल होता जाए। इस प्रकार कुछ चरणों के बाद समीकरण का हल प्राप्त हो जाता है।

2.2 समीकरण हल करना जब दोनों ही पक्षों में चर उपस्थित हो

एक समीकरण, दो बीजीय व्यंजकों के मानों में समता होती है। समीकरण 2x3=7 में एक व्यंजक है 2x3 तथा दूसरा है 7। अभी तक लिए गए लगभग सभी उदाहरणों में दाएँ पक्ष में एक ही संख्या थी। लेकिन ऐसा होना सदैव आवश्यक नहीं है। चर राशि दोनों पक्षों में भी हो सकती है। उदाहरण के लिए, समीकरण 2x3=x+2 में, दोनों ही पक्षों में चर वाले व्यंजक हैं। बाएँ पक्ष में व्यंजक है (2x3) तथा दाएँ में है (x+2)

  • अब हम ऐसे ही समीकरणों के हल करने की चर्चा करेंगे जिनके दोनों ही पक्षों में चर वाले व्यंजक हों।

उदाहरण 1 : हल कीजिए 2x3=x+2

हल : दिया है: 2x3=x+2 या 2x=x+2+3

या 2x=x+5

या 2xx=x+5x (दोनों पक्षों से x घटाने पर)

या x=5 (हल)

यहाँ, हमने समीकरण के दोनों पक्षों से, एक संख्या या स्थिरांक ही नहीं, बल्कि चर वाला पद घटाया। हम ऐसा कर सकते हैं क्योंकि चर का मान भी कोई संख्या ही है। ध्यान दीजिए कि x दोनों पक्षों से घटाने से तात्पर्य है x को बाएँ पक्ष में पक्षांतरण करना।

उदाहरण 2 : हल कीजिए 5x+72=32x14

हल : दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर प्राप्त होता है

2×(5x+72)=2×(32x14)

या

या(2×5x)+(2×72)=(2×32x)(2×14)या10x+7=3x28या10x3x+7=28(3x को बाएँ पक्ष में पक्षांतरण करने पर )या7x+7=28या7x=287या7x=35याx=357याx=5(हल)

प्रश्नावली 2.1

निम्न समीकरणों को हल कीजिए और अपने उत्तर की जाँच कीजिए।

1. 3x=2x+18

2. 5t3=3t5

3. 5x+9=5+3x

4. 4z+3=6+2z

5. 2x1=14x

6. 8x+4=3(x1)+7

7. x=45(x+10)

8. 2x3+1=7x15+3

9. 2y+53=263y

10. 3m=5m85

2.3 समीकरणों को सरल रूप में बदलना

उदाहरण 3 : हल कीजिए : 6x+13+1=x36

हल : दोनों पक्षों को 6 से गुणा करने पर

6 से ही क्यों? ध्यान दीजिए हरों का ल.स.प. (L.C.M.) 6 है।

6(6x+1)3+6×1=6(x3)6

या

2(6x+1)+6=x3

या

12x+2+6=x3 (कोष्ठक हटाने पर)

या

12x+8=x3

या

12xx+8=3

या

11x+8=3

या

11x=38 या

11x=11

या

x=1(वांछित हल)

जाँच : बायाँ पक्ष (LHS)=6(1)+13+1=6+13+1=53+33=5+33=23

दायाँ पक्ष ( RHS )=(1)36=46=23

बायाँ पक्ष ( LHS )= दायाँ पक्ष (RHS) (जैसा वांछित था)

उदाहरण 4 : हल कीजिए : 5x2(2x7)=2(3x1)+72

हल : कोष्ठक हटाने पर

बायाँ पक्ष ( LHS )=5x4x+14=x+14

दायाँ पक्ष (RHS)=6x2+72=6x42+72=6x+32

अतः समीकरण x+14=6x+32 हुआ

या 14=6xx+32

या 14=5x+32

1432=5x(32 का पक्षांतरण करने पर )

या 2832=5x

या अत: वांछित हल है252=5x

क्या आपने ध्यान दिया कि हमने समीकरण को कैसे सरल बनाया? हमने समीकरण के दोनों पक्षों को सभी व्यंजकों के हरों के ल.स.प. से गुणा किया।

x=52

जाँच : बायाँ पक्ष (LHS)=5×522(52×27)

=2522(57)=2522(2)=252+4=25+82=332

दायाँ पक्ष (RHS)=2(52×31)+72

=2(15222)+72=2×132+72=26+72=332=LHS (यथावांछित) 

ध्यान दीजिए, इस उदाहरण में हमने कोष्ठकों को हटाकर और समान पदों को मिलाकर समीकरण सरल बनाया।

प्रश्नावली 2.2

निम्न रैखिक समीकरणों को हल कीजिए :

1. x215=x3+14

2. n23n4+5n6=21

3. x+78x3=1765x2

4. x53=x35

5. 3t242t+33=23t

6. mm12=1m23

निम्न समीकरणों को सरल रूप में बदलते हुए हल कीजिए :

7. 3(t3)=5(2t+1)

8. 15(y4)2(y9)+5(y+6)=0

9. 3(5z7)2(9z11)=4(8z13)17

10. 0.25(4f3)=0.05(10f9)

हमने क्या चर्चा की?

1. एक बीजीय समीकरण, चरों में एक समता होती है। यह प्रकट करती है कि समता के चिहन के एक ओर वाले व्यंजक का मान उसके दूसरी ओर वाले व्यंजक के मान के बराबर होता है।

2. कक्षा VI, VII तथा VIII में सीखे जाने वाले समीकरण, एक चर वाले रैखिक समीकरण हैं। इन समीकरणों में, समीकरण बनाने वाले व्यंजकों में एक ही चर प्रयोग होता है। इसके अतिरिक्त, ये समीकरण रैखिक होते हैं अर्थात् प्रयोग किए गए चर की अधिकतम घात 1 होती है।

3. समीकरण के दोनों पक्षों में कोई रैखिक व्यंजक हो सकते हैं। जो समीकरण हमने कक्षा VI तथा VII में सीखे, उनमें किसी एक पक्ष में केवल संख्या ही होती थी।

4. संख्याओं की भाँति ही चरों को भी एक पक्ष से दूसरे पक्ष में पक्षांतरित किया जा सकता है।

5. प्राय: समीकरण बनाने वाले व्यंजकों को, उसे हल करने से पहले, सरल बना लिया जाता है। आरंभ में कुछ समीकरण रैखिक नहीं होते। लेकिन उसके दोनों पक्षों को उपयुक्त व्यंजकों से गुणा कर रैखिक समीकरण के रूप में बदला जा सकता है।

6. रैखिक समीकरणों की उपयोगिता, उनके विविध अनुप्रयोगों में है। संख्याओं, आयु, परिमापों तथा मुद्रा के रूप में प्रयोग होने वाले सिक्के व नोटों पर आधारित अनेक प्रकार की समस्याएँ रैखिक समीकरणों का उपयोग कर हल की जा सकती हैं।