अध्याय 02 एक चर वाले रैखिक समीकरण
2.1 भूमिका
पिछली कक्षाओं में, आपने अनेक बीजीय व्यंजकों और समीकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की है। ऐसे व्यंजक जो हमने देखे, उनके कुछ उदाहरण हैं-
समीकरणों के कुछ उदाहरण हैं:
आपको याद होगा कि समीकरणों में सदैव समता ’
इन व्यंजकों में, कुछ में एक से अधिक चर प्रयोग हुए हैं। उदाहरण के लिए,
कुछ रैखिक व्यंजक हैं-
ये रैखिक व्यंजक नहीं हैं:
(ध्यान दीजिए चर की अधिकतम घात 1 से अधिक है)
अब हम समीकरणों में, केवल एक चर वाले व्यंजकों का ही प्रयोग करेंगे। ऐसे समीकरण, एक चर वाले रैखिक समीकरण कहलाते हैं। पिछली कक्षाओं में जिन सरल समीकरणों को आपने हल करना सीखा वे इसी प्रकार के थे। आइए, जो हम जानते हैं, उसे संक्षिप्त में दोहरा लें-
(a) एक बीजीय समीकरण में चरों को प्रयोग करते हुए एक समता होती है। इसमें एक समता का चिह्न होता है। इस समता के बाईं ओर वाला व्यंजक बायाँ पक्ष (LHS) और दाईं ओर वाला व्यंजक दायाँ पक्ष (RHS) कहलाता है।

(b) एक समीकरण में बाएँ पक्ष में व्यंजक का मान, दाएँ पक्ष में व्यंजक के मान के बराबर होता है। ऐसा, चर के कुछ मानों के लिए ही संभव होता है और चर के ऐसे मानों को ही चर के हल कहते हैं।
. इस समीकरण का हल है क्योंकि होने पर बाएँ पक्ष का मान होगा जो दाएँ पक्ष का मान है लेकिन इसका हल नहीं है, क्योंकि होने पर बाएँ पक्ष का मान होगा, जो दाएँ पक्ष के बराबर नहीं है।
(c) किसी समीकरण का हल कैसे ज्ञात करें?
हम मानते हैं कि समीकरण के दोनों पक्ष, तुला के पलड़ों की तरह संतुलन में हैं। अतः हम समीकरण के दोनों पक्षों पर एक जैसी ही गणितीय संक्रियाएँ करते हैं जिससे समीकरण का संतुलन बना रहे; बिगड़े नहीं, लेकिन समीकरण सरल, अधिक सरल होता जाए। इस प्रकार कुछ चरणों के बाद समीकरण का हल प्राप्त हो जाता है।

2.2 समीकरण हल करना जब दोनों ही पक्षों में चर उपस्थित हो
एक समीकरण, दो बीजीय व्यंजकों के मानों में समता होती है। समीकरण
- अब हम ऐसे ही समीकरणों के हल करने की चर्चा करेंगे जिनके दोनों ही पक्षों में चर वाले व्यंजक हों।
उदाहरण 1 : हल कीजिए
हल : दिया है:
या
या
या
यहाँ, हमने समीकरण के दोनों पक्षों से, एक संख्या या स्थिरांक ही नहीं, बल्कि चर वाला पद घटाया। हम ऐसा कर सकते हैं क्योंकि चर का मान भी कोई संख्या ही है। ध्यान दीजिए कि
उदाहरण 2 : हल कीजिए
हल : दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर प्राप्त होता है
या
प्रश्नावली 2.1
निम्न समीकरणों को हल कीजिए और अपने उत्तर की जाँच कीजिए।
1.
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.
2.3 समीकरणों को सरल रूप में बदलना
उदाहरण 3 : हल कीजिए :
हल : दोनों पक्षों को 6 से गुणा करने पर
6 से ही क्यों? ध्यान दीजिए हरों का ल.स.प. (L.C.M.) 6 है।
या
या
या
या
या
या
या
जाँच : बायाँ पक्ष
दायाँ पक्ष
बायाँ पक्ष
उदाहरण 4 : हल कीजिए :
हल : कोष्ठक हटाने पर
बायाँ पक्ष
दायाँ पक्ष
अतः समीकरण
या
या
या
या
क्या आपने ध्यान दिया कि हमने समीकरण को कैसे सरल बनाया? हमने समीकरण के दोनों पक्षों को सभी व्यंजकों के हरों के ल.स.प. से गुणा किया।
जाँच : बायाँ पक्ष
दायाँ पक्ष
ध्यान दीजिए, इस उदाहरण में हमने कोष्ठकों को हटाकर और समान पदों को मिलाकर समीकरण सरल बनाया।
प्रश्नावली 2.2
निम्न रैखिक समीकरणों को हल कीजिए :
1.
2.
3.
4.
5.
6.
निम्न समीकरणों को सरल रूप में बदलते हुए हल कीजिए :
7.
8.
9.
10.
हमने क्या चर्चा की?
1. एक बीजीय समीकरण, चरों में एक समता होती है। यह प्रकट करती है कि समता के चिहन के एक ओर वाले व्यंजक का मान उसके दूसरी ओर वाले व्यंजक के मान के बराबर होता है।
2. कक्षा VI, VII तथा VIII में सीखे जाने वाले समीकरण, एक चर वाले रैखिक समीकरण हैं। इन समीकरणों में, समीकरण बनाने वाले व्यंजकों में एक ही चर प्रयोग होता है। इसके अतिरिक्त, ये समीकरण रैखिक होते हैं अर्थात् प्रयोग किए गए चर की अधिकतम घात 1 होती है।
3. समीकरण के दोनों पक्षों में कोई रैखिक व्यंजक हो सकते हैं। जो समीकरण हमने कक्षा VI तथा VII में सीखे, उनमें किसी एक पक्ष में केवल संख्या ही होती थी।
4. संख्याओं की भाँति ही चरों को भी एक पक्ष से दूसरे पक्ष में पक्षांतरित किया जा सकता है।
5. प्राय: समीकरण बनाने वाले व्यंजकों को, उसे हल करने से पहले, सरल बना लिया जाता है। आरंभ में कुछ समीकरण रैखिक नहीं होते। लेकिन उसके दोनों पक्षों को उपयुक्त व्यंजकों से गुणा कर रैखिक समीकरण के रूप में बदला जा सकता है।
6. रैखिक समीकरणों की उपयोगिता, उनके विविध अनुप्रयोगों में है। संख्याओं, आयु, परिमापों तथा मुद्रा के रूप में प्रयोग होने वाले सिक्के व नोटों पर आधारित अनेक प्रकार की समस्याएँ रैखिक समीकरणों का उपयोग कर हल की जा सकती हैं।