अध्याय 09 परिमाप और क्षेत्रफल

9.1 समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल

हमें वर्ग और आयत के अतिरिक्त बहुत से दूसरे आकार देखने को मिलते हैं। आप एक भूखंड का क्षेत्रफल कैसे ज्ञात करेंगे जिसका आकार समांतर चतुर्भुज जैसा है? आइए समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल प्राप्त करने की एक विधि ज्ञात करें।

क्या एक समांतर चतुर्भुज को एक समान क्षेत्रफल वाले आयत में रूपांतरित किया जा सकता है?

ग्राफ़ पेपर पर एक समांतर चतुर्भुज बनाइए जैसाकि आकृति [9.1(i)] में दिखाया गया है। इस समांतर चतुभुर्ज को काटिए। समांतर चतुर्भुज के एक शीर्ष से इसकी सम्मुख भुजा पर एक लंब खींचिए [ि9.1(ii)]। इस त्रिभुज को काट लीजिए और इस त्रिभुज को समांतर चतुर्भुज की दूसरी भुजा के साथ रखिए [ि9.1(iii)]

आकृति 9.1

आप कैसा आकार प्राप्त करते हैं? आप एक आयत प्राप्त करते हैं। क्या समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल बनाए गए आयत के क्षेत्रफल के बराबर है?

हाँ, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = बनाए गए आयत का क्षेत्रफल आयत की लंबाई और चौड़ाई क्या है?

आकृति 9.2

हमने देखा कि बनाए गए आयत की लंबाई, समांतर चतुर्भुज के आधार की लंबाई के बराबर है और आयत की चौड़ाई, समांतर चतुर्भुज की ऊँचाई के बराबर है (आकृति 9.2)।

अब, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आयत का क्षेत्रफल

= लंबाई × चौड़ाई =l×b

लेकिन आयत की लंबाई l तथा चौड़ाई b क्रमशः समांतर चतुर्भुज का आधार b और ऊँचाई h ही है।

इस प्रकार, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई =b×h

समांतर चतुर्भुज की किसी भी भुजा को आधार ले सकते हैं। इस भुजा पर, सम्मुख शीर्ष से डाला गया लंब, इसकी ऊँचाई कहलाती है। समांतर चतुर्भुज ABCD में DE,AB पर लंब है। यहाँ AB आधार तथा DE समांतर चतुर्भुज की ऊँचाई है।


इस समांतर चतुर्भुज ABCD में, BF, सम्मुख भुजा AD पर डाला गया लंब है। यहाँ AD आधार तथा BF ऊँचाई है।


निम्न समांतर चतुर्भुजों के बारे में सोचिए (आकृति 9.3)।

आकृति 9.3

आकृतियों द्वारा घेरे गए वर्गों की संख्या को गिन कर, समांतर चतुर्भुजों का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए और भुजाओं को माप कर परिमाप भी ज्ञात कीजिए।

निम्न तालिका को पूरा कीजिए :

समांतर चतुर्भुज आधार ऊँचाई क्षेत्रफल परिमाप
(a) 5 इकाई 3 इकाई 15 वर्ग इकाई
(b)
(c)
(d)
(e)
(f)
(g)

आप दखेंगे कि इन सभी समांतर चतुर्भुजों का क्षेत्रफल तो समान है परंतु परिमाप अलग-अलग हैं। अब, निम्न 7 cm तथा 5 cm भुजाओं वाले समांतर चतुर्भुजों को देखते हैं (आकृति 9.4)।

आकृति 9.4


प्रत्येक समांतर चतुर्भुज का परिमाप तथा क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। अपने परिणाम का विश्लेषण कीजिए।

आप देखेंगे कि इन समांतर चतुर्भुजों का क्षेत्रफल अलग-अलग हैं लेकिन परिमाप समान हैं।

समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए आपको समांतर चतुर्भुज का आधार तथा संगत ऊँचाई को ज्ञात करने की आवश्यकता है।

इन्हें कीजिए

निम्न समांतर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए


(iii) समांतर चतुर्भुज ABCD में AB=7.2 cm और C से AB पर लंब 4.5 cm है।

9.2 एक त्रिभुज का क्षेत्रफल

एक माली पूरे तिकोने पार्क पर घास लगाने का व्यय जानना चाहता है। इस स्थिति में हमें त्रिभुजाकार क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात करने की आवश्यकता है। आइए एक त्रिभुज के क्षेत्रफल को प्राप्त करने की विधि ज्ञात करें। कागज़ के एक टुकड़े पर एक विषमबाहु त्रिभुज बनाइए। इस त्रिभुज को काट लीजिए।


इस त्रिभुज को दूसरे कागज़ के टुकड़े पर रखिए और समान माप का एक ओर त्रिभुज काटिए।

इस प्रकार अब आपके पास समान माप के दो विषमबाहु त्रिभुज हैं। क्या दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं?

एक त्रिभुज को दूसरे पर रखिए जिससे वे एक-दूसरे को पूर्ण रूप से ढक लें। आप दोनों में से एक त्रिभुज को घुमा भी सकते हैं।

अब दोनों त्रिभुजों को इस प्रकार आपस में रखिए जिससे उनकी संगत भुजाओं का एक युग्म आपस में मिल जाएँ (जैसा आकृति 9.5 में दिखाया गया है)।

क्या इस प्रकार से बनी आकृति एक समांतर चतुर्भुज है?

प्रत्येक त्रिभुज के क्षेत्रफल की तुलना समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल से कीजिए।

त्रिभुजों के आधार तथा ऊँचाई की तुलना समांतर चतुर्भुज के आधार तथा ऊँचाई से कीजिए।

आप देखेंगे कि दोनों त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का योगफल समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल के बराबर है। त्रिभुज का आधार और ऊँचाई क्रमशः समांतर चतुर्भुज के आधार और ऊँचाई के बराबर है।

प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल =12 (समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल)

=12( आधार × ऊँचाई) (क्योंकि, समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई) 

=12(b×h) (या 12bh, संक्षेप में) 

इन्हें कीजिए

1. ऊपर दिए गए क्रियाकलापों को अलग-अलग प्रकार के त्रिभुज लेकर कीजिए।

2. अलग-अलग प्रकार के समांतर चतुर्भुज लीजिए। प्रत्येक समांतर चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में एक विकर्ण के अनुदिश काटिए। क्या ये त्रिभुज सर्वांगसम हैं।

आकृति (9.6) में सभी त्रिभुज, आधार AB=6 cm पर स्थित हैं।

आधार AB पर प्रत्येक त्रिभुज की संगत ऊँचाई के बारे में आप क्या कह सकते हैं?

क्या हम कह सकते हैं कि सभी त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है? हाँ। क्या त्रिभुज सर्वांगसम हैं? नहीं।

हम निष्कर्ष निकालते हैं कि सभी सर्वांगसम त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि वे त्रिभुज जिनका क्षेत्रफल बराबर होता है वे सर्वांगसम हैं।

आधार 6 cm वाले एक अधिक कोण (obtuse angled triangle) त्रिभुज ABC पर विचार करते हैं (आकृति 9.7)।

आकृति 9.6

इसकी ऊँचाई AD शीर्ष A से DC पर लंब है जो त्रिभुज के बाह्य स्थित है। क्या आप इस त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं?

आकृति 9.7


उदाहरण 1 एक समांतर चतुर्भुज की एक भुजा और संगत ऊँचाई क्रमशः 4 cm और 3 cm है। समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (आकृति 9.8)।

हल

आधार की लंबाई दी गई है (b)=4 cm, ऊँचाई (h)=3 cm समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल =b×h=4 cm×3 cm= 12 cm2

आकृति 9.8


उदाहरण 2 यदि एक समांतर चतुर्भुज (आकृति 9.9) का क्षेत्रफल 24 cm2 और आधार 4 cm हो तो ऊँचाई ’ x ’ ज्ञात कीजिए।

हल समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल =b×h

इसलिए, 24=4×x

या 244=x

या x=6 cm

इस प्रकार, समांतर चतुर्भुज की ऊँचाई 6 cm है।

आकृति 9.9


उदाहरण 3 समांतर चतुर्भुज ABCD की दो भुजाओं की लंबाइयाँ 6 cm और 4 cm हैं। आधार CD की संगत ऊँचाई 3 cm है (आकृति 9.10)। ज्ञात कीजिए :

आकृति 9.10

(i) समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल

(ii) आधार AD की संगत ऊँचाई

हल

(i) समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल =b×h

=6 cm×3 cm=18 cm2

(ii) आधार (b)=4 cm,

ऊँचाई =x (मान लीजिए)

क्षेत्रफल =18 cm2

समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल =b×x

18=4×x

184=x

इसलिए, x=4.5 cm

इस प्रकार, आधार AD की संगत ऊँचाई 4.5 cm है।

उदाहरण 4 निम्न त्रिभुजों का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (आकृति 9.11) :

आकृति 9.11

हल

(i) त्रिभुज का क्षेत्रफल =12bh=12×QR×PS

=12×4 cm×2 cm=4 cm2

(ii) त्रिभुज का क्षेत्रफल =12bh=12×MN×LO

=12×3 cm×2 cm=3 cm2

उदाहरण 5 BC ज्ञात कीजिए, यदि त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल 36 cm2 और ऊँचाई AD 3 cm है। (आकृति 9.12) :

आकृति 9.12


हल  ऊँचाई =3 cm, क्षेत्रफल =36 cm2

 त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल =12bh

या 36=12×b×3

b=36×23=24 cm

इसलिए BC=24 cm

उदाहरण 6 PQR में PR=8 cm,QR=4 cm

और PL=5 cm (आकृति 9.13)। ज्ञात कीजिए:

(i) PQR का क्षेत्रफल

(ii) QM

आकृति 9.13

हल (i)  आधार =4 cm ऊँचाई =5 cm

 त्रिभुज का क्षेत्रफल =12bh

=12×4 cm×5 cm=10 cm2

(ii)  आधार =8 cm, ऊँचाई = ? , क्षेत्रफल =10 cm2

त्रिभुज का क्षेत्रफल =12×b×h अर्थात् 10=12×8×h

h=104=52=2.5 इसलिए, QM=2.5 cm

प्रश्नावली 9.1

1. निम्न में प्रत्येक समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए :


2. निम्न में प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए :


3. रिक्त स्थान का मान ज्ञात कीजिए :

क्र.सं. आधार ऊँचाई समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
a. 20 cm 246 cm2
b. 15 cm 154.5 cm2
c. 8.4 cm 48.72 cm2
d. 15.6 cm 16.38 cm2

4. रिक्त स्थानों का मान ज्ञात कीजिए :

आधार ऊँचाई त्रिभुज का क्षेत्रफल
15 cm ________ 87 cm2
________ 31.4 mm 1256 mm2
22 cm ________ 170.5 cm2

5. PQRS एक समांतर चतुर्भुज है (आकृति 9.14)। QM शीर्ष Q से SR तक की ऊँचाई तथा QN शीर्ष Q से PS तक की ऊँचाई है। यदि SR=12 cm और QM=7.6 cm तो ज्ञात कीजिए :

(a) समांतर चतुर्भुज PQRS का क्षेत्रफल

(b) QN, यदि PS=8 cm

आकृति 9.14


6. DL और BM समांतर चतुर्भुज ABCD की क्रमशः भुजाएँ AB और AD पर लंब हैं (आकृति 9.15)। यदि समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 1470 cm2 है, AB=35 cm और AD=49 cm है, तो BM तथा DL की लंबाई ज्ञात कीजिए।


7. त्रिभुज ABC,A पर समकोण है (आकृति 9.16), और AD भुजा BC पर लंब है। यदि AB=5 cm,BC=13 cm और AC=12 cm है, तो ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। AD की लंबाई भी ज्ञात कीजिए।

आकृति 9.16


8. ABC समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB=AC=7.5 cm और BC=9 cm है (आकृति 9.17)। A से BC तक की ऊँचाई AD,6 cm है। ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। C से AB तक की ऊँचाई, अर्थात् CE क्या होगी?

आकृति 9.17

9.3 वृत्त

एक दौड़ पथ अपने दोनों किनारों पर अर्धवृत्ताकार है (आकृति 9.18)।

क्या आप एक धावक द्वारा तय की गई दूरी ज्ञात कर सकते हैं यदि वह इस दौड़ पथ के दो पूरे चक्कर लगाता है? जब आकार वृत्ताकार हो तो हमें उसके चारों ओर की दूरी प्राप्त करने की एक विधि ज्ञात करने की आवश्यकता होती है।

आकृति 9.18

9.3.1 वृत्त की परिधि

तान्या गत्ते के घुमावदार आकार के अलग-अलग कार्ड काटती है। वह इन कार्डों को सजाने के लिए इनके चारों ओर किनारी लगाना चाहती है। प्रत्येक के लिए उसे कितनी लंबी किनारी की आवश्यकता होगी (आकृति 9.19)?

आकृति 9.19

आप एक पैमाने (रूलर) की सहायता से वक्र (curve) को नहीं माप सकते क्योंकि ये आकृतियाँ सीधी नहीं हैं। आप क्या करेंगे?

आकृति 9. 19(a) में दिए गए आकार की आवश्यक किनारी की लंबाई ज्ञात करने के लिए आपको एक तरीका बताया जा रहा है। कार्ड के किनारे पर एक बिंदु अंकित कीजिए और इसे एक टेबल पर रखिए। बिंदु की स्थिति को टेबल पर भी अंकित कीजिए (आकृति 9.20)।

आकृति 9.20

अब वृत्ताकार कार्ड को एक सरल रेखा की दिशा में टेबल पर तब तक घुमाइए जब तक अंकित बिंदु टेबल को दुबारा स्पर्श न कर जाए। इस दूरी को रेखा के अनुदिश में मापिए। यह आवश्यक किनारी की लंबाई है। यह कार्ड के अंकित किए गए बिंदु से कार्ड के किनारे-किनारे वापस उसी बिंदु तक की दूरी है।

आकृति 9.21

आप एक धागे को वृत्ताकार वस्तु के चारों ओर किनारे-किनारे रख कर भी दूरी ज्ञात कर सकते हैं।

एक वृत्ताकार क्षेत्र के चारों ओर की दूरी इसकी परिधि कहलाती है।

इन्हें कीजिए

एक बोतल का ढक्कन, एक चूड़ी या कोई अन्य वृत्ताकार वस्तु लीजिए और इसकी परिधि ज्ञात कीजिए।

अब, क्या आप इस विधि से एक धावक द्वारा एक पथ पर तय की गई दूरी ज्ञात कर सकते है? अभी भी, पथ के चारों ओर की दूरी ज्ञात करना या अन्य किसी वृत्ताकार वस्तु को धागे से मापना बहुत ही मुश्किल होगा। तथापि यह माप सही नहीं होगी।

अतः इसके लिए हमें एक सूत्र की आवश्यकता है जैसाकि तल की आकृति या आकारों के लिए हम प्रयोग करते हैं।

आइए हम देखें क्या वृत्तों के व्यास और परिधि के बीच में कोई संबंध है।

निम्न तालिका पर विचार कीजिए। अलग-अलग त्रिज्याओं के 6 वृत्त खींचिए और धागे की सहायता से उनकी परिधि ज्ञात कीजिए। परिधि और व्यास के अनुपात को भी ज्ञात कीजिए:

वृत्त त्रिज्या व्यास परिधि परिधि और व्यास
का अनुपात
1. 3.5 cm 7.0 cm 22.0 cm 227=3.14
2. 7.0 cm 14.0 cm 44.0 cm 4414=3.14
3. 10.5 cm 21.0 cm 66.0 cm 6621=3.14
4. 21.0 cm 42.0 cm 132.0 cm 13242=3.14
5. 5.0 cm 10.0 cm 32.0 cm 3210=3.2
6. 15.0 cm 30.0 cm 94.0 cm 9430=3.13

ऊपर दी गई तालिका से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं? क्या यह अनुपात लगभग समान है? हाँ। क्या आप कह सकते हैं कि एक वृत्त की परिधि हमेशा इसके व्यास की तीन गुणा है? हाँ।

यह अनुपात स्थिर है और इसे ’ π ’ (pi) (पाई) से प्रदर्शित करते हैं। इसका मान लगभग 227 या 3.14 है।

अतः हम कह सकते हैं Cd=π, जहाँ ’ C ’ वृत्त की परिधि और ’ d ’ इसका व्यास दर्शाता है। या C=πd

हम जानते हैं कि एक वृत्त का व्यास (d), त्रिज्या (r) का दुगुना होता है; अर्थात् d=2r

अत: C=πd=π×2r

या C=2πr

इन्हें कीजिए

आकृति 9.22 में

(a) किस वर्ग का परिमाप अधिक है ?

(b) कौन-सा अधिक है, छोटे वर्ग का परिमाप या वृत्त की परिधि?

आकृति 9.22


प्रयास कीजिए

एक चौथाई प्लेट तथा एक अर्ध प्लेट लीजिए। प्रत्येक को टेबल की ऊपरी सतह पर एक बार घुमाइए। कौन-सी प्लेट एक पूरे चक्कर में अधिक दूरी तय करती है? कौन-सी प्लेट कम चक्कर में टेबल की ऊपरी सतह की लंबाई को पूरा करेगी?

उदाहरण 7 10 cm व्यास वाले एक वृत्त की परिधि ज्ञात कीजिए

 ( π=3.14 लीजिए )

हल वृत्त का व्यास (d)=10 cm

 वृत्त की परिधि =πd

=3.14×10 cm=31.4 cm

अतः, 10 cm व्यास वाले वृत्त की परिधि 31.4 cm है।

उदाहरण 8 एक वृत्ताकार तश्तरी (disc) की परिधि ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिज्या 14 cm है।

 ( प्रयोग करें π=227)

हल वृत्ताकार तश्तरी (disc) की त्रिज्या (r)=14 cm

 तश्तरी की परिधि =2πr

=2×227×14 cm=88 cm

अतः, वृत्ताकार तश्तरी की परिधि 88 cm है।

उदाहरण 9 एक वृत्ताकार पाइप की त्रिज्या 10 cm है। पाइप के चारों ओर एक बार टेप लपेटने की आवश्यक लंबाई ज्ञात कीजिए (प्रयोग करें π=3.14 )।

हल  पाइप की त्रिज्या (r)=10 cm

आवश्यक टेप की लंबाई, पाइप की परिधि के बराबर है।

 पाइप की परिधि =2πr

=2×3.14×10 cm=62.8 cm

इसलिए, पाइप के चारों ओर एक बार टेप लपेटने की आवश्यक लंबाई 62.8 cm है।

उदाहरण 10 दी गई आकृति का परिमाप ज्ञात कीजिए (आकृति 9.23)।

आकृति 9.23

 ( π=227 लीजिए)। 

हल इस आकृति में हमें वर्ग के प्रत्येक ओर स्थित अर्धवृत्त की परिधि को ज्ञात करने की आवश्यकता है। क्या आपको वर्ग के परिमाप को भी ज्ञात करने की आवश्यकता है? नहीं। इस आकृति की बाह्य परिसीमा अर्धवृत्तों से मिलकर बनी है।

प्रत्येक अर्धवृत्त का व्यास 14 cm है।

हम जानते हैं कि, वृत्त की परिधि =πd अर्धवृत्त की परिधि =12πd

=12×227×14 cm=22 cm

प्रत्येक अर्धवृत्त की परिधि 22 cm है। अतः दी गई आकृति का परिमाप =4×22 cm=88 cm

उदाहरण 11 सुधांशु 7 cm त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार तश्तरी (disc) को दो बराबर भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक अर्धवृत्ताकार तश्तरी का परिमाप ज्ञात कीजिए

(प्रयोग करें π=227 )

हल अर्धवृत्ताकार तश्तरी (disc) के परिमाप को ज्ञात करने के लिए, (आकृति 9.24), हमें ज्ञात करने की आवश्यकता है:

(i) अर्धवृत्ताकार आकार की परिधि

(ii) व्यास

आकृति 9.24

दी गई त्रिज्या (r)=7 cm

हम जानते हैं कि वृत्त की परिधि =2πr

 अतः, अर्धवृत्त की परिधि =12×2πr=πr

=227×7 cm=22 cm

इसलिए, वृत्त का व्यास =2r=2×7 cm=14 cm

अतः प्रत्येक अर्धवृत्ताकार तश्तरी (disc) का परिमाप =22 cm+14 cm=36 cm

9.3.2 वृत्त का क्षेत्रफल

निम्न पर विचार कीजिए :

  • एक किसान खेत के केंद्र पर 7 m त्रिज्या वाली एक फूलों की क्यारी खोदता है। उसे खाद को खरीदने की आवश्यकता है। यदि 1 m2 क्षेत्रफल के लिए 1 kg खाद की आवश्यकता हो, तो उसे कितने किलोग्राम खाद खरीदनी चाहिए?

  • 10 रु प्रति m2 की दर से, 2 m त्रिज्या वाले एक वृत्ताकार टेबल के ऊपरी सतह पर पॉलिश कराने का व्यय क्या होगा?

क्या आप बता सकते हैं कि इन स्थितियों में हमें क्या ज्ञात करने की आवश्यकता है, क्षेत्रफल या परिमाप? ऐसी स्थितियों में हमें वृत्ताकार क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात करने की आवश्यकता होती है। आइए ग्राफ़ पेपर की सहायता से हम एक वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं।

4 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त को ग्राफ़ पेपर पर बनाइए (आकृति 9.25)। वृत्त के द्वारा घिरे हुए वर्गों को गिनकर इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

आकृति 9.25

क्योंकि किनारे सीधे नहीं हैं, हमें, इस विधि से, वृत्त के क्षेत्रफल का एक कच्चा (rough) अनुमान ही प्राप्त होता है। एक और विधि से वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं।

एक वृत्त बनाइए और उसके अर्धभाग को छायांकित कीजिए [आकृति 9.26(i)] अब वृत्त को आठ भागों में मोड़िए और उन्हें मुड़ी हुई तहों के अनुदिश में काटिए (आकृति 9.26(ii))।

आकृति 9.26


अलग-अलग टुकड़ों को, जैसा आकृति 9.27 में दिखाया गया है, व्यवस्थित कीजिए, जो एक स्थूल रूप से (roughly) समांतर चतुर्भुज को दर्शाता है।

आकृति 9.27

जितने अधिक त्रिज्याखंड होंगे, उतना ही सही समांतर चतुर्भुज हमें प्राप्त होता है।

जैसा ऊपर किया गया है यदि हम वृत्त को 64 त्रिज्याखंडों में विभाजित करें और उन्हें व्यवस्थित करें, तो हमें लगभग एक आयत प्राप्त होता है (आकृति 9.28)।

आकृति 9.28

इस आयत की चौड़ाई क्या है? इस आयत की चौड़ाई वृत्त की त्रिज्या ही है अर्थात् ’ r '

जैसाकि पूरे वृत्त को 64 त्रिज्याखंडों में विभाजित किया गया तथा प्रत्येक ओर 32 त्रिज्यखंड हैं। आयत की लंबाई 32 त्रिज्यखंडों की लंबाइयों के बराबर है जो वृत्त की परिधि की आधी है (आकृति 9.28)।

इनें कीजिए

ग्राफ़ पेपर पर अलग-अलग त्रिज्याओं के वृत्तों को बनाइए। वर्गों की संख्या को गिनकर क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। सूत्र का प्रयोग करके भी क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। दोनों उत्तरों की तुलना कीजिए।

वृत्त का क्षेत्रफल = बनाए गए आयत का क्षेत्रफल =l×b

=( परिधि का आधा )× त्रिज्या =(12×2πr)×r=πr2

अतः, वृत्त का क्षेत्रफल =πr2

उदाहरण 12 30 cm त्रिज्या वाले वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ( π=3.14 लीजिए)

हल त्रिज्या r=30 cm

वृत्त का क्षेत्रफल =πr2=3.14×302=2826 cm2

उदाहरण 13 एक वृत्ताकार बगीचे का व्यास 9.8 m है। इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए

हल व्यास, d=9.8 m अतः त्रिज्या r=9.8÷2=4.9 m

वृत्त का क्षेत्रफल =πr2=227×(4.9)2 m2=227×4.9×4.9 m2=75.46 m2

उदाहरण 14 संलग्न आकृति दो वृत्तों को दर्शाती है जिनका केंद्र समान है। बड़े वृत्त की त्रिज्या 10 cm और छोटे वृत्त की त्रिज्या 4 cm है।

ज्ञात कीजिए

(a) बड़े वृत्त का क्षेत्रफल

(b) छोटे वृत्त का क्षेत्रफल

(c) दोनों वृत्तों के बीच छायांकित भाग का क्षेत्रफल (π=3.14)

हल

(a) बड़े वृत्त की त्रिज्या =10 cm

अतः, बड़े वृत्त का क्षेत्रफल =πr2

=3.14×10×10=314 cm2

(b) छोटे वृत्त की त्रिज्या =4 cm

छोटे वृत्त का क्षेत्रफल =πr2

=3.14×4×4=50.24 cm2

(c) छायांकित भाग का क्षेत्रफल =(31450.24)cm2=263.76 cm2


प्रश्नावली 9.2

1. निम्न त्रिज्याओं वाले वृत्तों की परिधि ज्ञात कीजिए ( π=227 लीजिए)

(a) 14 cm

(b) 28 mm

(c) 21 cm

2. निम्न वृत्तों का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। दिया गया है :

(a) त्रिज्या =14 mm(π=227 लीजिए)

(b) व्यास =49 m

(c) त्रिज्या =5 cm

3. यदि एक वृत्ताकार शीट की परिधि 154 m हो तो इसकी त्रिज्या ज्ञात कीजिए। शीट का क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए। ( π=227 लीजिए)

4. 21 m व्यास वाले एक वृत्ताकार बगीचे के चारों ओर माली बाड़ लगाना चाहता है। खरीदे जाने वाले आवश्यक रस्से की लंबाई ज्ञात कीजिए, यदि वह 2 पूरे चक्कर की बाड़ बनाना चाहता है। 4 रु प्रति मीटर की दर से रस्से पर व्यय ज्ञात कीजिए। ( π=227 लीजिए)

5. 4 cm त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार शीट में से 3 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त को निकाल दिया जाता है। शीट के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ( π=3.14 लीजिए)

6. साइमा 1.5 m व्यास वाले एक वृत्ताकार टेबल कवर के चारों ओर किनारी लगाना चाहती है। आवश्यक किनारी की लंबाई ज्ञात कीजिए और ₹ 15 प्रति मीटर की दर से किनारी लगाने का व्यय ज्ञात कीजिए। ( π=3.14 लीजिए)

7. दी गई आकृति, व्यास के साथ एक अर्धवृत्त है। उसका परिमाप ज्ञात कीजिए।

8. 15 रु प्रति वर्ग मीटर की दर से, 1.6 m व्यास वाले एक वृत्ताकार टेबल के ऊपरी सतह पर पॉलिश कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। ( π=3.14 लीजिए)

9. शाझली 44 cm लंबाई वाली एक तार लेती है और उसे एक वृत्त के आकार में मोड़ देती है। उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। इसका क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए। यदि इसी तार को दुबारा एक वर्ग के आकार में मोड़ा जाता है, तो इसकी प्रत्येक भुजा की लंबाई क्या होगी?

कौन-सी आकृति अधिक क्षेत्रफल घेरती है वृत्त या वर्ग ? ( π=227 लीजिए)

10. 14 cm त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार गत्ते की शीट में से, 3.5 cm त्रिज्या वाले दो वृत्तों को और 3 cm लंबाई तथा 1 cm चौड़ाई वाले एक आयत को निकाल दिया जाता है (जैसाकि आकृति में दिखाया गया है) शीट के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए

( π=227 लीजिए)।


11. 6 cm भुजा वाले एक वर्गाकार एल्युमिनियम शीट के टुकड़े में से 2 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त को काट दिया जाता है। शीट के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए? ( π=3.14 लीजिए)

12. एक वृत्त की परिधि 31.4 cm है। वृत्त की त्रिज्या और क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए? ( π=3.14 लीजिए)


13. एक वृत्ताकार फूलों की क्यारी के चारों ओर 4 m चौड़ा पथ है तथा फूलों की क्यारी का व्यास 66 m है। इस पथ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए? ( π=3.14 लीजिए)

14. एक वृत्ताकार फूलों के बगीचे का क्षेत्रफल 314 m2 है। बगीचे के केंद्र में एक घूमने वाला फव्वारा (sprinkler) लगाया जाता है, जो अपने चारों ओर 12 m त्रिज्या के क्षेत्रफल में पानी का छिड़काव करता है। क्या फव्वारा पूरे बगीचे में पानी का छिड़काव कर सकेगा। (π=3.14)

15. आकृति में, अंतः और बाह्य वृत्तों की परिधि ज्ञात कीजिए। ( π=3.14 लीजिए)

16. 28 cm त्रिज्या वाले एक पहिए को 352 m दूरी तय करने के लिए कितनी बार घुमाना पड़ेगा? ( π=227 लीजिए)

17. एक वृत्ताकार घड़ी की मिनट की सुई की लंबाई 15 cm है। मिनट की सुई की नोक 1 घंटे में कितनी दूरी तय करती है। ( π=3.14 लीजिए)

हमने क्या चर्चा की?

1. एक समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई

2. एक त्रिभुज का क्षेत्रफल =12 (इससे प्राप्त समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल)

=12× आधार × ऊँचाई 

3. एक वृत्ताकार क्षेत्र के चारों ओर की दूरी इसकी परिधि कहलाती है। एक वृत्त की परिधि =πd, जहाँ d वृत्त का व्यास और π=227 या 3.14 (लगभग) है।